एक समय की बात है।  एक जंगल में एक हिरण को बहुत तेज से प्यास लगी थी।वह हिरण पानी की तलाश में इधर-उधर घूम रहा था।हिरण  पानी की तलाश में इधर-उधर घूमने के बाद बहुत देर के बाद उसे एक पानी का तालाब दिखाई देता है।वह हिरण पानी के तालाब को देखकर बहुत खुश होता है।  वह सोचता है कि मुझे एक नई जिंदगी में गयी है।  जैसे ही वह पानी पीने के लिए अपना सर नीचे झुकाता है।उसे  आगे एक शिकारी नजर आता है जैसे ही  हिरण पीछे की ओर भागने के लिए सोचता है, उसे शेर नजर आता है।वह हिरण दाएं और भागने के लिए सोचता है ।  उसे आग नजर में आती है जोकि धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ रही है।हिरण सोचता है मई चारो और  से फस गया हूँ।  वह सोच रहा था   मैं जाऊं तो कहां जाऊं ?वह हिरण सोचता है कि मैं अपने चारों ओर से फंस गया हूं।  मुझे तो मरना ही है तो मैं अपना काम पूरा कर कर मरो।  मैं पानी पीकर ही मर जाता हूं।जैसे ही हिरण पानी पीता है, उसी समय काले बादलों से पानी बरसता  है।बादलों की बारिश के कारण आग बुझ जाती है बारिश के पानी  कारण शिकारी का निशाना   शेर को लग जाता है और शेर शिकार के पीछे पड़ जाता है।जैसे ही हिरण पानी पीने के बाद अपना सर ऊपर उठाता है, वह अपने आसपास और देखता है।  उसे हर तरह खाली मिलता है और वह पानी पीकर निकल जाता है।

इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है : इंसान की जीवन मुश्किलें आती ।मुश्किलें  कभी अकेले नहीं आती ,आती है तो  चारों ओर से आती है   उस समय इंसान घबरा जाता है और डर जाता है।उस समय हमें मुश्किलों से घबराना नहीं चाहिए। हमें अपने मुश्किलों का सामना करना चाहिए