एक गांव में एक रामू नाम का एक नवयुवक रहता था। वह बहुत ही मेहनती था। पर वह हमेशा कोई ना कोई चीज में शंका करता रहता था।वह हमेशा शंका करता था। वह अपने कार्य क्षेत्र में सफल होगा या नहीं कभी-कभी इसी कारण उसे छोटी छोटी बात में गुस्सा आ जाता था। एक दिन उसने सुना उसके गांव में एक प्रसिद्ध संत आए हुए हैं।
फिर रामू संत जी से मिलने के लिए पहुंचा और बोला, महात्मा जी में कड़ी में सफलता पाने के लिए बहुत कोशिश करता हूं। पर मुझे सफलता मिलती नहीं कृपया मुझे इसका समाधान बताइए संत जी ने कहा चिंता मत करो पुत्र! तुम्हारी समस्या का समाधान मेरे पास एक चमत्कारी ताबीज है। मैंने उसमें कुछ मंत्र अभिमंत्रित किए हैं तुम उसे अपने गले में धारण करो। तुम्हें सफलता मिल जाएगी।जब रामू ने उसे अपने गले में धारण किया, उसका जीवन बिल्कुल बदल गया।धीरे-धीरे रामू का जीवन बदल गया। वह सोचता यह सब महात्मा जी के चमत्कारी ताबीज का कमाल है।
इस बात को एक साल बीत गए। एक बार फिर संत जी उसी गांव में आए रामू फिर संतजी के दर्शन करने के लिए गया।और संतजी के पास जाकर चमत्कारी ताबीज का गुणगान करने लगा। तब संत जी बोले पुत्र अपना ताबीज निकाल कर देना।जब रामू ने संत जी को ताबीज दिया संत जी ने ताबीज खोलकर रामू को दिखाया। रामू ताबीज के अंदर देखकर हैरान रह गया।ताबीज के अंदर सिर्फ एक कागज का टुकड़ा था और कुछ था ही नहीं।रामू ने कहा, रामू बोला, महात्मा जी इस ताबीज के अंदर कुछ है ही नहीं, फिर इसने मुझे सफलता कैसे दिलाई?तब संतजी रामू को समझाते हुए कहा, इस ताबीज से नहीं बल्कि तुम्हारे विश्वास ने तुम्हें सफलता दिलाई। हम सबको भगवान ने एक शक्ति देकर भेजा है तो विश्वास की शक्ति है। तुम अपने कार्य क्षेत्र में इसलिए सफल नहीं हो पा रहे थे क्योंकि तुम्हें अपने विश्वास पर नहीं था।जब तुमने इस ताबीज को चमत्कारी ताबीज समझकर उस पर विश्वास किया तो तुम सफल होते चले गए।महात्मा जी ने कहा, इस ताबीज को उतारकर अब फेंक दो। अब अपने कर्म पर अपने आप पर विश्वास करो। तुम्हें किसी भी ताबीज की जरूरत नहीं पड़ेगी।तब महात्मा जी के उपदेश के रामू की आंखें खुल गई तब संत जी को धन्यवाद देकर रामू वहांसे चला गया।


3 Comments
Nyc Story😇😇
ReplyDeleteNyc Story
ReplyDeleteWhaaa♥️♥️♥️♥️♥️♥️
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